Subject and Object in Hindi

हिंदी कारक – कर्ता, कर्म, करण, संप्रदान और अन्य

हिंदी व्याकरण में कारक का मतलब होता है, वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम का कार्य या संबंध
कारक शब्दों से हम समझ सकते हैं कि वाक्य में कौन-सा शब्द कर्ता, कर्म या अन्य संबंध दर्शा रहा है।


🔸 कारक (Case Relations) क्या है?

कारक किसी वाक्य में संज्ञा या सर्वनाम के संबंध और कार्य को दर्शाता है।
मुख्यतः हिंदी में सात प्रकार के कारक होते हैं:

  1. कर्ता (Subject)
  2. कर्म (Object)
  3. करण (Instrumental)
  4. संप्रदान (Dative)
  5. अपादान (Ablative)
  6. अधिकरण (Locative)
  7. संबोधन (Vocative)

1. कर्ता (Subject)

वह संज्ञा या सर्वनाम जो क्रिया को करता है, उसे कर्ता कारक कहते हैं।

📝 उदाहरण:

  • राम पढ़ता है।
    राम = कर्ता

2. कर्म (Object)

वह संज्ञा या सर्वनाम जिस पर क्रिया होती है, उसे कर्म कारक कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम किताब पढ़ता है।
    किताब = कर्म

3. करण (Instrumental)

वह साधन या उपकरण जिससे क्रिया की जाती है, उसे करण कारक कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम कलम से लिखता है।
    कलम से = करण

4. संप्रदान (Dative)

जिसको या जिसके लिए क्रिया होती है, वह संप्रदान कारक है।

उदाहरण:

  • राम ने मोहन को किताब दी।
    मोहन को = संप्रदान

5. अपादान (Ablative)

वह जिसका वियोग या दूर होना दर्शाया गया है, उसे अपादान कारक कहते हैं।

उदाहरण:

  • राम घर से आया।
    घर से = अपादान

6. अधिकरण (Locative)

जिस स्थान या समय में क्रिया होती है, वह अधिकरण कारक है।

उदाहरण:

  • राम स्कूल में खेलता है।
    स्कूल में = अधिकरण

7. संबोधन (Vocative)

जिसे बुलाया जाता है या सम्बोधित किया जाता है, वह संबोधन कारक है।

उदाहरण:

  • हे राम! सुनो।
    राम = संबोधन