१. सन्धेः परिभाषा (Definition of Sandhi)
सन्धिः संस्कृत व्याकरण में वह प्रक्रिया अस्ति यत्र दो वा अधिक अक्षर या शब्द एकत्रित होकर नए स्वरूप में परिणत होते हैं।
सन्धिः का मुख्य उद्देश्य शब्दों का प्रवाह सरल और सुगम बनाना है।
२. सन्धेः भेदाः (Types of Sandhi)
(क) स्वर-सन्धिः (Vowel Sandhi)
स्वर-सन्धिः में दो स्वर मिलकर नया स्वर रूप उत्पन्न करते हैं।
उदाहरण:
- राम + अस्ति → रामोऽस्ति
- तदा + इव → तदीव
(ख) व्यञ्जन-सन्धिः (Consonant Sandhi)
व्यञ्जन-सन्धिः में दो व्यञ्जन या स्वर+व्यञ्जन मिलकर नया रूप बनाते हैं।
उदाहरण:
- सत् + कर्म → सच्चर्म
- दन्त + त → दन्त्त
(ग) विसर्ग-सन्धिः (Visarga Sandhi)
विसर्ग (ः) किसी स्वर या व्यञ्जन के साथ मिलकर रूप परिवर्तन करता है।
उदाहरण:
- रामः + इति → रामोऽइति
- सत्यः + च → सत्यश्च
३. सन्धि-विच्छेदः अभ्यासः (Sandhi Splitting Practice)
विद्यार्थिनः निम्न अभ्यासेन सन्धि-विच्छेद जानातु –
- रामोऽस्ति → राम + अस्ति
- सच्चर्म → सत् + कर्म
- सत्यश्च → सत्यः + च